श्री गणेश आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी। माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥ जय...
माँ गंगा आरती
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता ॥ चन्द्र समान झलके, शीतल शुभ जल धारा।शरण पड़े जो तेरी,...
कुबेर चालीसा
दोहा जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै,अविचल खड़े कुबेर॥विघ्न हरण मंगल करण,सुनो शरणागत की टेर।भक्त हेतु वितरण करो, धन माया...
मां लक्ष्मी की आरती
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि...
श्री हनुमान चालीसा
दोहाश्रीगुरु चरन सरोज रज , निजमन मुकुरु सुधारि।बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु...
श्री हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे।रोग दोष जाके निकट न झांके।।अंजनि पुत्र महाबलदायी।संतान के प्रभु सदा सहाई।।...
